सोमवार, ५ ऑक्टोबर, २००९

हास्यविनोद ....

मेजर - ''इतना ज्यादा क्यों पीते हो ? तुम्हें खबर है कि अगर तुम्हारा रिकार्ड अच्छा रहा होता तो अब तक तुम सूबेदार हो गये होते।''
जवान - ''माफ कीजिये सर, मगर बात यह है कि जब दो घूंट मेरे अन्दर पहुंच जाते हैं तो मैं अपने आपको कर्नल समझने लगता हूं।''

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पत्नी - चलो आज बाहर घूमने चलते हैं । और हां, गाड़ी मैं ड्राइव करूंगी ।

पति - अच्छा ! इसका मतलब जाएंगे कार में और आएंगे अखबार में .....

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एक दिन दो पुराने दोस्त गधे बाजार में मिले। एक गधा बोला - यार तुम तो बहुत कमजोर हो गए हो। क्या तुम्हारा मालिक तुम्हें ठीक से खाने पीने को नहीं देता ?

दूसरे गधे ने ठंडी सांस भरकर कहा - हां दोस्त, खाने पीने को तो ठीक से मिलता ही नहीं है साथ ही काम भी बहुत करवाता है। मेरा मालिक सचमुच बहुत खराब आदमी है।

पहले गधे ने कहा - तो फिर ऐसे मालिक को तुम छोड़ क्यों नहीं देते ? किसी दिन मौका देखकर भाग जाओ न ?

दूसरा गधा - मैं भाग नहीं सकता ।

पहला गधा - पर क्यों ?

दूसरा गधा - मेरे मालिक की एक बहुत ही खूबसूरत बेटी है। जब भी वह उस पर नाराज होता है तो मेरी तरफ इशारा करके उससे कहता है कि ''देखना, एक दिन तेरी शादी मैं इस गधे से कर दूंगा'' ....... अब यार, मैं उस दिन का इंतजार कर रहा हूं ......

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